इनवॉइस और दस्तावेज़
पिछले इनवॉइस का हैश (PIH)
पिछले इनवॉइस का हैश (PIH) मौजूदा इनवॉइस से ठीक पहले जारी हुए इनवॉइस का डिजिटल फ़िंगरप्रिंट है। फ़ेज़ 2 का हर इनवॉइस इसे सहेजता है, जिससे आपके इनवॉइस एक चेन में जुड़ जाते हैं और किसी पुराने इनवॉइस में बाद में किया गया बदलाव सामने आ जाता है।
इसका अर्थ
हैश एक छोटा कोड है, जो किसी दस्तावेज़ की सामग्री से गणना करके निकाला जाता है। दस्तावेज़ में एक भी अक्षर बदलें, तो कोड बदल जाता है। फ़ेज़ 2 का हर इनवॉइस अपने से पहले वाले इनवॉइस का हैश सहेजता है, इसलिए दूसरे इनवॉइस में पहले का फ़िंगरप्रिंट होता है, तीसरे में दूसरे का, और इसी तरह आगे। नतीजा एक चेन होता है। इसीलिए हैश को फ़िंगरप्रिंट कहा जाता है: यह किसी दस्तावेज़ की पहचान उसी तरह करता है जैसे फ़िंगरप्रिंट किसी व्यक्ति की।
यह चेन इसलिए अहम है, क्योंकि इससे आपकी बिक्री के इतिहास को दोबारा लिखना मुश्किल हो जाता है। अगर कोई बाद में किसी पुराने इनवॉइस को एडिट करे, तो उसका फ़िंगरप्रिंट अगले इनवॉइस में सहेजे गए फ़िंगरप्रिंट से मेल नहीं खाएगा। इससे ईमानदार कारोबारों की भी सुरक्षा होती है: साफ़-सुथरी चेन दिखाती है कि आपके इनवॉइस वैसे ही हैं जैसे जारी किए गए थे, और यह इस बात का एक और कारण है कि सिस्टम को दरकिनार करके इनवॉइस में कभी कोई सुधार न किया जाए।
हैश की गणना आपको नहीं करनी होती। इनवॉइसिंग सॉफ़्टवेयर हर नए इनवॉइस के लिए हैश निकालता है और उसे इनवॉइस के डेटा में रखता है। आपका काम सिस्टम को सुसंगत बनाए रखना है: इनवॉइस सिर्फ़ उसी से जारी करें, उसके रिकॉर्ड जस के तस रहने दें, और अपनी वेव शुरू होने से पहले सिमुलेशन एनवायरनमेंट में कुछ इनवॉइस आज़माकर देखें। इनमें से किसी भी काम के लिए आपको तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं है।
व्यवहार में
- हर इनवॉइस अपने इनवॉइसिंग सिस्टम से ही जारी करें, ताकि चेन न टूटे।
- इनवॉइस जारी होने के बाद इनवॉइस फ़ाइलों या डेटाबेस के रिकॉर्ड को कभी सीधे एडिट न करें।
- पहले जारी हो चुके दस्तावेज़ को बदलने के बजाय गलतियाँ क्रेडिट नोट या डेबिट नोट से ठीक करें।
- अपने प्रोवाइडर से पूछें कि कैश रजिस्टर बदलने या बैकअप रीस्टोर करने पर चेन कैसे जारी रहती है।
पिछले इनवॉइस का हैश (PIH) से जुड़े प्रश्न
PIH का पूरा नाम क्या है?
PIH का मतलब है “प्रीवियस इनवॉइस हैश”, यानी पिछले इनवॉइस का हैश: इस इनवॉइस से पहले जारी हुए इनवॉइस का हैश, या डिजिटल फ़िंगरप्रिंट। फ़ेज़ 2 का हर इनवॉइस इसे सहेजता है, और लगातार दो इनवॉइस के बीच का यही जुड़ाव चेन बनाता है। काउंटर वैल्यू और UUID के साथ, यह फ़ेज़ 2 के इनवॉइस के तकनीकी तत्वों में से एक है।
किसी इनवॉइस को सुधारना हो तो चेन का क्या होता है?
पहले वाले इनवॉइस में आप कोई बदलाव नहीं करते। आप एक क्रेडिट नोट या डेबिट नोट जारी करते हैं, जो ऐसे ई-इनवॉइस हैं जिनमें मूल इनवॉइस का हवाला और कारण दिया जाता है। यह सुधार चेन के आखिर में एक नई कड़ी बन जाता है, इसलिए इतिहास पूरा रहता है, मूल इनवॉइस वैसा ही रहता है जैसा जारी किया गया था, और आपके रिकॉर्ड की जाँच करने वाला कोई भी व्यक्ति पूरी कहानी देख पाता है।
बिना अंदाज़े के सही इनवॉइस जारी करें
ZATCA के सिमुलेशन एनवायरनमेंट में फ़ातूराज़ को 90 दिन तक मुफ़्त आज़माएँ। क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत नहीं।