ZATCA ई-इनवॉइसिंग (Fatoora)
फ़ेज़ 1 के लिए QR कोड वाले इनवॉइस, और आपकी वेव आने पर फ़ेज़ 2 के लिए Fatoora इंटीग्रेशन।
फ़ातूराज़ इनवॉइस उसी फ़ॉर्मेट में जारी करता है जो सऊदी ई-इनवॉइसिंग में अपेक्षित है। फ़ेज़ 1 में हर इनवॉइस इलेक्ट्रॉनिक रूप से बनाया जाता है, जारी होने के बाद लॉक हो जाता है, और सरल इनवॉइस पर QR कोड होता है। फ़ेज़ 2 में Fatoora प्लेटफ़ॉर्म के साथ इंटीग्रेशन जुड़ता है: हर इनवॉइस एक स्टैम्प लगी XML फ़ाइल बन जाता है, जिसे खरीदार के आधार पर क्लीयरेंस या रिपोर्टिंग के लिए ज़कात, टैक्स और सीमा शुल्क प्राधिकरण (ZATCA) को भेजा जाता है। फ़ातूराज़ इन आवश्यकताओं के लिए बनाया गया है। ऑनबोर्डिंग आप खुद Fatoora से मिले वन-टाइम कोड के ज़रिए पूरी करते हैं।
आपको क्या मिलता है
हर सरल इनवॉइस पर QR कोड
रसीदें और सरल इनवॉइस उस QR कोड के साथ प्रिंट होते हैं जो फ़ेज़ 1 में ज़रूरी है, ताकि ग्राहक या इंस्पेक्टर उसे स्कैन करके सीधे इनवॉइस से ही विक्रेता का नाम, तारीख, कुल राशि और VAT राशि पढ़ सके।
जारी हुआ इनवॉइस बदला नहीं जा सकता
इनवॉइस कन्फ़र्म होने के बाद उसे न एडिट किया जा सकता है, न डिलीट। कोई गलती हो तो उसे क्रेडिट नोट और एक नए इनवॉइस से ठीक किया जाता है, जिससे आपके रिकॉर्ड की किसी भी जाँच के लिए एक साफ़ और क्रमवार ब्योरा बना रहता है।
खरीदार के आधार पर क्लीयरेंस या रिपोर्टिंग
फ़ेज़ 2 में किसी कारोबार को दिया जाने वाला स्टैंडर्ड टैक्स इनवॉइस आपके ग्राहक तक पहुँचने से पहले क्लीयरेंस के लिए भेजा जाता है, जबकि उपभोक्ता को दिया जाने वाला सरल इनवॉइस पहले जारी होता है और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट किया जाता है। फ़ातूराज़ दोनों रास्तों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
क्रेडिट और डेबिट नोट पर भी वही नियम
क्रेडिट और डेबिट नोट भी ई-इनवॉइस ही हैं, इसलिए उन पर भी वही ई-इनवॉइसिंग नियम लागू होते हैं जो उन दस्तावेज़ों पर लागू होते हैं जिन्हें वे सुधारते हैं। आप इन्हें मूल इनवॉइस से ही बनाते हैं, उसका विवरण दोबारा भरने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
यह कैसे काम करता है
- 1
अपना टैक्स विवरण दर्ज करें
अपनी कंपनी का नाम, VAT नंबर और पता एक बार दर्ज करें। ये हर इनवॉइस पर और QR कोड के अंदर दिखते हैं, इसलिए अपना पहला असली इनवॉइस भेजने से पहले इन्हें ध्यान से जाँच लें।
- 2
Fatoora ऑनबोर्डिंग खुद पूरी करें
फ़ेज़ 2 के लिए आप Fatoora पोर्टल में एक वन-टाइम कोड जनरेट करते हैं और उसे फ़ातूराज़ में दर्ज करते हैं। हम हर कदम पर आपका मार्गदर्शन करते हैं, और ऑनबोर्डिंग से वे अनुपालन और प्रोडक्शन सर्टिफ़िकेट बनते हैं जिनसे आपके इनवॉइस पर स्टैम्प लगता है।
- 3
इनवॉइस हमेशा की तरह जारी करें
हमेशा की तरह इनवॉइस कन्फ़र्म करें या POS बिक्री पूरी करें। QR कोड, इनवॉइस काउंटर और स्टैम्प जोड़ दिए जाते हैं, और स्टैंडर्ड टैक्स इनवॉइस और सरल इनवॉइस, दोनों अपने-अपने क्लीयरेंस या रिपोर्टिंग के रास्ते से जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फ़ेज़ 1 और फ़ेज़ 2 में क्या बदलता है?
फ़ेज़ 1 जनरेशन फ़ेज़ है: इनवॉइस इलेक्ट्रॉनिक होने चाहिए, जारी होने के बाद उनमें बदलाव नहीं किया जा सकता, और सरल इनवॉइस पर QR कोड होता है। फ़ेज़ 2 इंटीग्रेशन फ़ेज़ है: इनवॉइस स्टैम्प लगी XML फ़ाइलें बन जाते हैं, जिन्हें क्लीयरेंस या रिपोर्टिंग के लिए ZATCA को भेजा जाता है। ZATCA हर वेव की घोषणा पहले से करता है, इसलिए अपनी तारीख जानने के लिए उसकी घोषणाओं पर नज़र रखें।
क्या मुझे ऑनबोर्डिंग खुद करनी होगी?
हाँ। ऑनबोर्डिंग करदाता खुद करता है, Fatoora पोर्टल से मिले वन-टाइम कोड के ज़रिए। फ़ातूराज़ हर कदम पर आपका मार्गदर्शन करता है और इस प्रक्रिया में बनने वाले सर्टिफ़िकेट सहेजकर रखता है, लेकिन वह आपकी ओर से यह कोड जनरेट नहीं कर सकता। असली ई-इनवॉइसिंग आपके सब्सक्रिप्शन लेने और ऑनबोर्डिंग पूरी करने के बाद चालू की जाती है।
ट्रायल के दौरान क्या होता है?
90 दिन का ट्रायल वर्कस्पेस ZATCA के सिमुलेशन एनवायरनमेंट का इस्तेमाल करता है, जो असली एनवायरनमेंट नहीं है, इसलिए उसमें कोई असली इनवॉइस नहीं होता। आप पूरी प्रक्रिया का सुरक्षित रूप से अभ्यास कर सकते हैं। असली ई-इनवॉइसिंग तभी चालू होती है जब आप सब्सक्रिप्शन ले लेते हैं और ZATCA ऑनबोर्डिंग पूरी कर लेते हैं।
संबंधित शब्द
अपने निजी वर्कस्पेस से शुरुआत करें
90 दिन तक इनवॉइसिंग, ई-इनवॉइसिंग और पॉइंट ऑफ़ सेल आज़माएँ। न क्रेडिट कार्ड, न कोई बंधन।